सीखें

पहली SIP कैसे शुरू करें

SIP शुरू करना एक छोटी, क्रमवार प्रक्रिया है: KYC पूरी करें, ऑटो-डेबिट मैंडेट लगाएँ, तारीख़ और रकम तय करें, और पहली किस्त कटने दें।

SIP यानी किसी योजना में हर महीने तय तारीख़ पर तय रकम निवेश करने का निर्देश। पहली SIP लगाने में क्रम से चार कदम हैं: KYC पूरी करना, योजना और रकम तय करना, ऑटो-डेबिट मैंडेट लगाना, और तारीख़ चुनना। उसके बाद किस्त अपने-आप कटती है। हर कदम, और पहली कटौती पर असल में क्या होता है, नीचे है।

कदम 1: KYC पूरी करें

KYC (नो योर कस्टमर, यानी ग्राहक की पहचान) पहले म्यूचुअल फंड निवेश से पहले की एक बार की पहचान जाँच है; इसके पूरा हुए बिना कुछ नहीं ख़रीदा जा सकता। इसमें PAN और आधार (या कोई दूसरा मान्य पहचान और पते का प्रमाण) लगते हैं, और एक बार पूरी होने के बाद यह हर फंड हाउस में चलती है। अगर आपने पहले कभी निवेश नहीं किया है, तो सबसे ज़्यादा समय इसी कदम में लगता है, इसलिए इसे पहले पूरा कर लेना सुविधाजनक रहता है। KYC कैसे पूरी करें और शुरू करने के लिए क्या चाहिए की सूची में पूरा ब्योरा है।

कदम 2: योजना और रकम

फिर तय होता है कि किस योजना में और हर महीने कितनी रकम लगानी है। शुरुआत में रकम से ज़्यादा आदत मायने रखती है: बुरे महीने में भी चलती रह सके ऐसी रकम, बीच में बंद करनी पड़े ऐसी बड़ी रकम से ज़्यादा काम की है। बचे हुए पैसे के हिसाब से नहीं, अपने लक्ष्य के हिसाब से रकम कैसे तय करें, यह वित्तीय लक्ष्य तय करना में है, और SIP कैलकुलेटर अलग-अलग मासिक रकम समय के साथ कितनी होती है यह दिखाता है — आपके अपने आँकड़ों पर गणित, भविष्यवाणी नहीं।

कदम 3: ऑटो-डेबिट मैंडेट (NACH)

SIP एक मैंडेट पर चलती है: एक स्थायी निर्देश, जिससे फंड हर महीने आपके बैंक खाते से किस्त अपने-आप ले सकता है। भारत में यह आम तौर पर NACH (नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस) पर चलता है — ज़्यादातर नियमित बैंक कटौतियों के पीछे यही व्यवस्था है। आप मैंडेट एक बार मंज़ूर करते हैं और उसमें कटौती की अधिकतम रकम तय करते हैं; फिर हर महीने आपको कुछ नहीं करना पड़ता। बैंक में मैंडेट दर्ज होने में कुछ कामकाजी दिन लगते हैं, इसलिए पहली कटौती हमेशा तुरंत नहीं होती।

कदम 4: तारीख़ चुनें

महीने की किस तारीख़ को किस्त कटे, यह आप चुनते हैं। बहुत से लोग तनख़्वाह आने के कुछ दिन बाद की तारीख़ रखते हैं, ताकि कटौती के समय खाते में पैसा हो। इसके अलावा, ठीक कौन-सी तारीख़ है इससे लंबे समय के नतीजे में ख़ास फ़र्क नहीं पड़ता — SIP बनी ही ऐसी है कि तारीख़ पर ज़्यादा माथापच्ची न करनी पड़े।

पहली कटौती पर क्या होता है

चुनी हुई तारीख़ पर मैंडेट आपके बैंक खाते से रकम काटता है और पैसा योजना में जाता है। आपको मिलने वाली यूनिट यानी आपकी किस्त भाग उस दिन का NAV। किस दिन का NAV मिलेगा, यह इस पर निर्भर करता है कि पैसा रोज़ के कट-ऑफ़ समय से पहले फंड तक पहुँचा या बाद में — हालाँकि SIP में इस समय का ध्यान मैंडेट ही रखता है। दूसरे महीने से यह सब अपने-आप होता है, और यूनिट आपके फोलियो में जुड़ती जाती हैं।

SIP चालू होने के बाद

SIP बंधन नहीं है: आप इसे रोक सकते हैं, रकम बदल सकते हैं या बंद कर सकते हैं, और आमदनी बढ़ने पर स्टेप-अप SIP से इसे बढ़ा भी सकते हैं। SIP को काम करता रखती है एक ही बात — ख़बरें देखकर शुरू-बंद करने की बजाय उतार-चढ़ाव में भी इसे चलते रहने देना। मैंडेट, काग़ज़ी काम या पहली किस्त ठीक से लगाने में किसी का साथ चाहिए, तो यह उन कामों में से एक है जिनमें हम मदद करते हैं।

यह शिक्षा है, सलाह नहीं

यह लेख श्रेणियाँ और उनके काम करने का तरीका समझाता है। यह किसी योजना का नाम नहीं बताता, किसी चीज़ की रैंकिंग नहीं करता और यह नहीं बताता कि आप क्या खरीदें। H2 Investment AMFI-पंजीकृत म्यूचुअल फंड वितरक (ARN-200996) है, SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार नहीं। व्यक्तिगत वित्तीय योजना के लिए किसी SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से बात करें। टैक्स आपकी अपनी परिस्थितियों पर निर्भर करता है और नियम बदलते हैं — किसी योग्य टैक्स सलाहकार से अपनी स्थिति की पुष्टि कर लें।

संबंधित

सीखने के केंद्र पर वापस